गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021
बदला अपमान का
शुक्रवार, 1 जनवरी 2021
आशातीत
आशातीत हूँ मैं
साल 2020 की बात हुई पुरानी,
जल्दी खत्म हो, शुरू हो एक नई कहानी।
न कोई बीमारी हो, न कोई परेशानी,
फिर चले वही,जो चाहते हम हिंदुस्तानी।
हर कोई यहाँ अपनी ही मस्ती में हो,
बस वैक्सीन यहाँ सबसे सस्ती हो।
जीवन मे कुछ हो न हो,
बस लाखों में हंसती-खेलती हमारी हस्ती हो।
कड़वा है कुछ ये साल, जो हुआ अब पुराना,
आने दो नया भी साल, बदलेगा अब ये जमाना।
फिर होंगे पहले से जज्बात हमारे,
जीवन मे घुलेगा एक नया तराना।
जो न कर सके बीते साल में तो,
अवसर एक और आने वाला है।
कर लो इच्छाएं पूरी अब,
मौका एक और जो मिलने वाला है।
आशातीत हूँ मैं भी कि कुछ नया करता जाऊं,
हर एक पल को अब मै यादों में कैद करता जाऊं।
मिलता रहूं अपनों से, और नजदीकियां बढाता जाऊं,
मगर साल ने सिखाया अभी जो, जेहन में रखता जाऊं।
आशातीत हूँ मैं भी कुछ नया सा करता जाऊं,
अपनों से जुड़कर ,हर पल प्रेम से जीता जाऊं।
-आनन्द
सप्रेम नमस्कार, सभी पाठकों,दोस्तो और बाकी सभी को नववर्ष मुबारक हो, अपनी सभी इच्छाएं पूरी करे प्रभू, और सबको अपने -अपने कर्म पथ पर अग्रसर करे, यही मंगल-कामना है।
धन्यवाद।
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