मंगलवार, 26 मार्च 2019

कॉलेज के दिन

                         -कॉलेज के दिन-                          (प्रकाशित-काव्य प्रभा)

याद आती हैं मुझे , कॉलेज की वो हर बातें
दिन में क्लास और हॉस्टल की हसीन रातें,

मैश का वो खाना अब, लगता घर से भी न्यारा था
रहने वाला वहाँ हर कोई भाई से भी प्यारा था,

रीसस होते ही सारे कैंटीन में आते थे
एक दूसरे के टिफिन को , पल में चट कर जाते थे

देकर चकमा टीचर को , कभी-कभी बंक भी कर जाते थे
होस्टल आना कैंसिल करके, मूवी देखने जाते थे,

याद आती है मुझे , कॉलेज की वो हर  बातें
दिन की मस्तियाँ और सुकून भरी रातें,

जैसे-तैसे करके 2 बजे वापस हॉस्टल आते थे,
खाके खाना अब, गहरी नींद में सो जाते थे।

उठाकर बैट शाम को, ग्राउंड पर चले आते थे,
बिना किसी सिग्नल के, सारे वहाँ इक्कठे हो जाते थे,

अँधेरा हुआ, निकलो यहाँ से, कहके  पीटीआई हमपे चिल्लाता था
पर कौन सुने उसकी, जब तक हर कोई थक न जाता था,

बहुत याद आती है मुझे, कॉलेज की वो बातें
दिन की क्लास और वाई- फाई के साथ जागती रातें,

आदतें तो बहुत थी पर, शायद  ये सबसे निराली थी
खेलकर आते ही, संगम पर तैयार स्पेशल चाय की प्याली थी,

बैठकर थड़ी पर चाय पीना, तो बस एक बहाना था
कर लेते थे गुफ्तगू एक दूजे से, वो भी एक जमाना था

थी उम्मीद की पट जाए कोई, इस आस में gt जाते थे
खाकर प्रसाद रोज, बैरंग ही लौट आते थे,

बहुत याद आती है मुझे , कॉलेज की वो बातें,
दिन की नींद और एग्जाम डेज की डरावनी रातें,

असाइन्मेंट कॉपी करना, तो था टैलेंट हमारा,
पर कोशिश थी, बिना कॉपी किये रह न जाए कोई बिचारा।

याद आती है मुझे कॉलेज की वो बातें,
जहां दिन में क्लास और थकान भरी रातें।
                               
                              
                               इंजीनियर की कलम से- आनन्द
                               Memoriable batch _2013-16
                              MBM ENGG. COLLEGE
                              JODHPUR

                

12 टिप्‍पणियां:

My Incomplete wish...? ने कहा…

Great memory and I think our last Bach who thinks about one another

आनन्द शेखावत ने कहा…

Thanku hkm...bilkul

sunil gadwal ने कहा…

College ki yaad dila di

Unknown ने कहा…

Nice

Unknown ने कहा…

Nice

sakshi ने कहा…

Nice lines.....👌👌👌👌
College life jaise koi life nahi hoti succhi....

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत सुन्दर सृजन
सादर

Unknown ने कहा…

Sandar boss..... uttam

Unknown ने कहा…

Miss my collage days

संजय भास्‍कर ने कहा…

मन की भावो को बहुत सुन्दरता से बयां करती है आपकी कविता ..

Unknown ने कहा…

aap ki yaade dil ko bhut satati h
jab sochte h aapke bare m to aakhe bhar aati h
heartly thanks to you

Unknown ने कहा…

Very nice bhai

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